मैया मेरी

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एक बात मैया मेरी याद रखना...मन्जू गोपालन/श्री सनातन धर्म महिला समिति, कीर्तन स्थान: बाग मुज़फ़्फ़र खां, आगरा यहां क्लिक करके यू ट्यूब पर देखिए मैया मेरी
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Tuesday, October 21, 2014

दिवाली

मनाइए दीपावली
इस वर्ष 23 अक्टूबर 2014, गुरुवार को दीपावली मनयी जाएगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र रहेगा, इसका स्वामी मंगल है। दीपावली की शाम को सूर्य, शनि, शुक्र एवं चंद्रमा एक साथ तुला राशि में स्थित रहेंगे। सूर्य नीच राशि में एवं शनि, बुध-गुरु उच्च राशि में रहेंगे। शुक्र स्वराशि एवं राहु-मंगल मित्र राशि में गोचर करेंगे। इन ग्रह योगों के कारण दीपावली शुभ और मंगलदायक रहेगी। सूर्य के साथ शनि तुला राशि में रहेगा। शनि उच्च एवं सूर्य नीच का रहेगा। ऐसा योग अब 27 वर्षों बाद 2041 में बनेगा।
1954 में बना था ऐसा योग
गुरु एवं शनि के उच्च राशि में रहते हुए दीपावली का ये योग 1954 में बना था। उस समय मंगल भी मकर राशि में उच्च का था एवं इस वर्ष 2014 में वह मित्र राशि धनु में स्थित रहेगा। आने वाले समय में दीपावली पर गुरु एवं शनि एक साथ 616 वर्षों बाद 2630 में उच्च के रहेंगे।
दिल्ली मे दीवाली पूजन का समय लाभ अमृत कि चौघडिया दोपहर के 12 बजकर 06 मिनट से दोपहर के 02 बजकर 53 मिनट तक शुभ कि चौघडिया 04 बजकर 17 मिनट से 05 बजकर 41 मिनट तक प्रदोश काल 05 बजकर 41 से 06 बजकर 53 मिनट तक वृष्भ लग्न 06 बजकर 58 मिनट से 08 बजकर 52 मिनट तक तथा रात्रि मे 1 बजकर 28 मिनट से 02 बजकर 45 मिनट तक रहेगा
देहरादून मे दीवाली पूजन का समय लाभ अमृत कि चौघडिया दोपहर के 12 बजकर 02 मिनट से दोपहर के 02 बजकर 48 मिनट तक शुभ कि चौघडिया 04 बजकर 11 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक प्रदोश काल 05 बजकर 35 से 06 बजकर 47 मिनट तक वृष्भ लग्न 06 बजकर 51 मिनट से 08 बजकर 45 मिनट तक तथा रात्रि मे 1 बजकर 23 मिनट से 02 बजकर 41 मिनट तक रहेगा
मेरठ मे दीवाली पूजन का समय लाभ अमृत कि चौघडिया दोपहर के 12 बजकर 03 मिनट से दोपहर के 02 बजकर 50 मिनट तक शुभ कि चौघडिया 04 बजकर 14 मिनट से 05 बजकर 38 मिनट तक प्रदोश काल 05 बजकर 38 से 06 बजकर 50 मिनट तक वृष्भ लग्न 06 बजकर 55 मिनट से 08 बजकर 50 मिनट तक तथा रात्रि मे 1 बजकर 26 मिनट से 02 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।
दीपावली पर करें उपाय
• दीपावली को किसी भी लक्ष्मी- विष्णु मंदिर में जाकर सुगन्धित धूप अर्पित करे तथा हृदय से धनवृद्धि करने की प्रार्थना करे। इसके पश्चात प्रत्येक शुक्रवार यह क्रिया दोहराते रहें।
पुष्य नक्षत्र में ‘शंखपुष्पी की जड़ प्राप्त कर दीपावली के दिन इस जड़ को एक चांदी की डिब्बी में रखकर लक्ष्मी-नारायण का ध्यान करते हुये धूप दीप से पूजित करे, फिर इसे अपने कैश बाक्स या तिजोरी में रक्खें।
दीपावली के दिन ब्रह्मदेव से अनुमति लेकर एक पीपल का पत्ता लाये फिर उसे गंगाजल से धोकर पोछकर उस पर लाल चंदन से ‘राम’ लिखे तथा कुछ मिठाई रखकर हनुमान जी को चढ़ा दें। फिर यह क्रिया माह में एक बार मंगलवार को करें।
दीपावली को पूरे घर की सफाई करें फिर निर्धारित समय पर लक्ष्मी पूजन करें। फिर प्रत्येक अमावस्या को यह प्रक्रिया करते रहें।
दीपावली के दिन लाल रेशमी वस्त्र में 11 छुहारे रखकर पोटली बनाकर तिजोरी में रखें।
दीपावली के दिन से घर की छत पर प्रातःकाल प्रत्येक दिन काले तिल बिखेर दिया करें।
• दीपावली पूजन के साथ एक चांदी की डिब्बी में थोड़ा-सा सिंदूर और तीन गोमती चक्र रखकर इनका भी पूजन करें। फिर सिंदूर से पूरी डिब्बी भरकर इसको तिजोरी में पीले वस्त्र में बोधकर रखें।
दीपावली के दिन 11 कौड़ियों को केसर से रंगकर, लक्ष्मी पूजन के साथ उन का भी पूजा करें और फिर पीले वस्त्र में बांधकर तिजोरी में रक्खें।
पीले रेशमी वस्त्र पर 7 गोमती चक्र, 3 पूजा वाली सुपारी एवं एक मोती शंख में एक चांदी का सिक्का डालकर दीपावली के दिन पूजा स्थल पर रक्खे, लक्ष्मी पूजन के पश्चात ‘ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं’ मंत्र की एक माला जाप करें। प्रत्येक जाप पर चावल का एक अखंडित दाना मोती शंख में डालते रहें। अंतिम जाप पर यदि शंख चावल से पूर्ण न भरा हो तो अंतिम जाप में चावल से पूरा भर दें। फिर इस संपूर्ण सामग्री को रक्खे गये वस्त्र से बांधकर तिजोरी पर लटका दें।
• प० राजेश कुमार शर्मा 
भृगु ज्योतिष अनुसन्धान एवं शिक्षा केन्द्र सदर गजं बाजार मेरठ कैन्ट मोबाईल नम्बर 09359109683 दिल्ली नम्बर 9910656267

Tuesday, October 25, 2011

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